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    24.6.19

    'वाक्यांश के लिए एक शब्द' या 'अनेक शब्दों के लिए एक शब्द':- विगत प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए

    विगत प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए 'वाक्यांश के लिए एक शब्द' या 'अनेक शब्दों के लिए एक शब्द'


    ० पृथ्वी ओर आकाश के बीच का स्थल - अन्तरिक्ष
    ० जो आगे की सोचता हो - अग्रसोची
    ० जो कभी नहीं मरता - अभमर्त्य
    ० जो दिखायी न पड़े - अदृश्य
    ० जो इन्द्रियों द्वारा न जाना जा सके - अगोचर, अतीन्द्रिय
    ० जो सबके अन्तःकरण की बात जानने वाला हो - अन्तर्यामी
    ० जो खाया न जा सके - अखाद्य
    ० जिसके टुकडे न हो सके - अखण्ड
    ० जो मानव के योग्य न हो - अमानवीय, अमानुषिक
    ० जिसका अन्त न हो - अनन्त
    ० जिसके समान कोई दूसरा न हो - अद्वितीय
    ० जिसकी उपमा न हो - अनुपम, अनुपमा
    ० जिसकी आशा न की गयी हो - अप्रत्याशित
    ० अनुकरण करने-योग्य - अनुकरणीय
    ० अनुसरण करने-योग्य - अनुसरणीय
    ०अवसर के अनुरूप बदल जानेवाला - अवसरवादी
    ० बिना वेतन काम करनेवाला - अवैतनिक
    ० जिसके आने की कोई तिथि न हो - अतिथि
    ० जो कुछ नहीं जानता हो - अज्ञानी
    ०जो किसी पर अभियोग लगाये - अभियोगी
    ० जिसका कभी अन्त न होने वाला हो - अविनाशी
    ० जिस स्त्री के पुत्र ओर पति न हो - अवीरा
    ० जो अवश्य होने वाला हो - अवश्यम्भावी
    ० सूर्योदय से पूर्व का समय - अरुणोदय
    ० अधिक बढ़ा-चढ़ा कर कहना - अतिशयोक्ति
    ० अन्य भाषा में परिणति - अनुवाद, रूपान्तरण
    ० आश्रय देने वाला - आश्रयदाता
    ० जाँघों/घुटनों तक भुजाओं वाला - अजानुबाह
    ० जिसकी परिभाषा देना असम्भव हो - अपरिभाषित
    ० जो पीछे चलता हो - अनुयायी अनुचर
    ० जिसका शत्रु न जन्मा हो - अजाततशत्रु
    ० जिसके पास कुछ न हो - अकिंचन
    ० जो अभी तक न आया हो - अनागत
    ० जो वस्तु दूसरे के यहाँ रखी हो - अमानत, धरोहर
    ० जिसे बुलाया न गया हो - अनाहृत
    ० जिस पर अभियोग लगाया गया हो - अभियुक्त
    ० जो ईश्वर को मानता हो - आस्तिक
    ० अपने जीवन का स्वलिखित इतिहास - आत्मकथा
    ० आशा से अधिक _ आजातीत
    ०आदि से अन्त तक - आद्यान्त
    ० आकाश में उड़नेवाला _ आकाशचारी
    ० जो अपनी हत्या आप करे - आत्मघाती
    ० सिर से पैर तक - आपादमस्तक
    ० इन्द्रियों से परे - इन्द्रियातीत
    ० जो सब कुछ उदारता से देना जानता हे - उदारमना
    ० जो ऊपर कहा गया हो - उपर्युक्त
    ० किसी के बाद उसका स्थान लेनेवाला - उत्तराधिकारी
    ० उपहास के योग्य - उपहासास्पद
    ० अरुणोदय से पूर्व का समय -उषाकाल, ब्राह्ममुहूर्त्त
    ० जिसका चित्त एक ही विषय में लगा हो - एकाग्रचित्त
    ० जो निजी पुत्र हो (एक माँ के पेट से उत्पन्न) - औरस
    ० जो कल्पना से परे हो - कल्पनातीत
    ० जो कम खर्च करनेवाला हो - कंजूस, मितव्ययी
    ० अच्छे कुल में जन्म लेनेवाला - कुलीन
    ० इच्छानुसार रूप धारण करनेवाला - कामरूप
    ० भय-शोकादि के कारण कर्त्तव्य-ज्ञान से रहित - किड्जर्त्तव्यविमूढ़
    ० जो पहाड़ को धारण करता हो - गिरिधारी
    ० जो बात छिपायी जाए - गोपनीय
    ० जो घृणा के योग्य हो - घृणित
    ० जो सदा से चला आ रहा हो - चिरन्तन, शाश्वत्‌
    ० जिसके चार पद (पेर) हों - चौपाया
    ० जल-थल, दोनों जगह रहनेवाला - जलभूमिया ( उभयचर )
    ० जो इन्द्रियों को वश में कर ले - जितेन्द्रिय
    ० जीने की प्रबल इच्छा - जिजीविषा
    ० गोद लिया हुआ पुत्र - दत्तक
    ० जंगल की आग - दावानल
    ० जो ईश्वर को न मानता हो - नास्तिक
    ० जो आमिष (मांस) न खाता हो - निरामिष
    ० जो कामनारहित हो - निष्काम
    ० जिसका कोई आधार न हो - निराधार
    ० देश से बाहर माल भेजना - निर्यात
    ० शासकीय अधिकारियों का शासन - नौकरशाही, लालफीताशाही
    ० ग्रन्थ के बचे हुए अंश जो प्राय: अन्त में जोडे जाते हें - परिशिष्ट
    ० जो दूसरों का भला करता हो - परोपकारी
    ० जिसका जन्म पृथ्वी से हुआ हो - पार्थिव
    ०  जिसकी पूजा की जा सके - पूज्य, पूजनीय
    ० उपकार के बदले किया गया कार्य - प्रत्युपकार
    ० जिससे पापों का नाश हो - प्रायश्चित
    ० इतिहास के युग से पूर्व का - प्रागैतिहासिक
    ० जो देखने में प्रिय लगे - प्रियदर्शी
    ० दोपहर के पहले का समय - पूर्वाह्न
    ० जो केवल फल खाकर रहता हो - फलाहारी
    ० जो एक से अधिक भाषाएँ जानता हो - बहुभाषी
    ० जो व्यक्ति भाग्य पर विश्वास करे - भाग्यवादी
    ० दोपहर का समय - मध्याह्न
    ० मनपसंद  अथवा नामांकित - मनोनीत
    ० जो मृत्यु के समीप हो - मरणासन्न
    ० जो अपने मार्ग से भटक गया हो - मार्गभ्रमित
    ० जो मांस खाता हो - मांसाहारी
    ० जो मृत्यु को जीत ले - मृत्युंजय
    ० जिसे मोक्ष प्राप्त करने की इच्छा हो - मुमुक्ष
    ० मरने की इच्छा रखनेवाला - मुमूर्ष
    ० अपनी शक्ति-भर - यथाशक्ति
    ० जो युद्ध में स्थिर रहता हो - युधिष्ठिर
    ० जहाँ नाटक खेला जाता हे - रंगमंच
    ० जो लोहे की तरह बलिष्ठ हो - लौहपुरुष
    ० जो बात वर्णन के बाहर हो - वर्णनातीत
    ० जो बहुत अधिक बोलता हो - वाचाल
    ० जिस स्त्री का पति जीवित न हो - विधवा
    ० जिस पुरुष की पत्नी मर चुकी हो - विधुर
    ० जो व्याकरण को अच्छी तरह जाननेवाला हो - वैयाकरण
    ० जो शक्तिशाली हो - शक्तिमान्‌
    ० जिसे शब्दों में नहीं कहा जा सकता - शब्दातीत
    ० जिसके सिर पर चन्द्रमा हो - शशिधर
    ० जहाँ नदियाँ मिलती हों - संगम
    ० अच्छे आचरण करनेवाला - सदाचारी
    ० जो सबको एक-सा देखता हो - समदर्शी
    ० जो सब कुछ जानता हो - सर्वज्ञ
    ० जिसे अक्षर-ज्ञान हो (जो लिखना-पढना जानता हो) - साक्षर
    ० उच्चवर्गीय शासन - सामन्तशाही
    ० जिसकी सीमा न हो -_ सीमातीत
    ० जिसकी ग्रीवा (गरदन) सुन्दर हो - सुग्रीव
    ० अच्छी आँखोंवाली स्त्री - सुनयना
    ० स्त्री के वश में रहनेवाला - स्त्रेण
    ० जो अपने से उत्पन्न हो - स्वयंभू
    ० मिठाई बनाकर बेचनेवाला व्यक्ति - हलवाई
    ० जो क्षमा पाने-योग्य हे - क्षम्य
    ० जो शीघ्र नष्ट होनेवाला हो - क्षणभंगुर
    ० जहाँ पृथ्वी और आकाश मिलते दिखायी पड़ें - क्षितिज
    ० जो तीनों लोकों का स्वामी हो - बत्रिलोकीनाथ

    शिक्षक भर्ती नोट्स

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