02. संधि
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‘शान्तिः + जयः’ का संधि रूप होगा— |
शान्तिजयः |
UP TET (I-V) Cancelled-2021 |
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‘मनः + रथः’ में संधि है— |
विसर्ग संधि |
UPTET June-2013 (VI-VIII) (Bhasha Sikshak) [UP TET, Jan. 2020 (I-V)] |
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विसर्ग
संधि का उदाहरण है— |
नमस्ते |
[UP TET, Jan. 2020 (I-V)] |
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‘तेजः’ में संधि है— |
परसव |
[UP TET, Jan. 2020 (I-V)] |
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‘षणाणाम्’ पद में संधि है— |
गुण संधि |
[UP TET, Jan. 2020 (VI-VIII)] |
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‘मनिषा’ का संधि-विच्छेद होगा— |
मनस् + ईषा |
Bihar TET December 2011 (VI-VIII) |
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प्रकृतिभाव-सन्धि-निषेधक
सूत्रमस्ति— |
लुप्त प्रयुक्त अचि नित्यं |
UK TET (VI-VIII)-2019 |
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‘तच्छब्दः’ इत्यस्मिन् पदे
सन्धिविच्छेदक सूत्रमस्ति— |
स्तोः श्चुना श्चुः |
UK TET (VI-VIII)-2019 |
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‘अक्ष + उहिनी’ में सन्धि होती है— |
वृद्धि सन्धि |
UP TET (VI-VIII) October 2017 |
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‘एतत्’ भेद अस्ति— |
स्वरस्य |
UK TET (I-V)-2019 |
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‘अत्र पदे सन्धि विच्छेदः अस्ति— |
भू + आदि |
UK TET (I-V)-2019 |
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यण
सन्धि विषयक सूत्रम् अस्ति— |
इकोयणचि |
UK TET (I-V)-2019 |
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‘जगल्लते’ इत्यस्य पदविच्छेदः— |
जगत् + लते |
UK TET (VI-VIII)-2020 |
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‘स्तोः श्चुना श्चुः’ सूत्रस्य
उदाहरणम् अस्ति— |
सज्जन |
UK TET (Paper-I) 2021 |
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तत्स्थानं
पदे सन्धिः— |
गुण |
UK TET (Paper-I) 2021 |
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गुण
संज्ञा भवति— |
अ ए ओ |
UK TET (Paper-I) 2021 |
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‘इति + आदि’ इत्यत्र सन्धिः
वर्तते— |
यणसन्धिः |
REET LEVEL-II-2015 |
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‘वायुः’ इत्यत्र सन्धिः— |
यणसन्धिः |
REET (I-V)-2017 |
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‘अधि + अपि’ इति पदस्य
सन्धिविच्छेदः— |
अध + अपि |
REET (I-V)-2017 |
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‘प्रेतः’ सन्धिविच्छेदः कः— |
प्र + एत |
UK TET (I-V) 2020 |
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‘बाल + चलति’ इत्यत्र सन्धिः कः— |
बालश्चलति |
REET (I-V)-2011 |
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‘कोटि’ इत्यत्र सन्धिः— |
पूर्वरूपसन्धिः |
REET (I-V)-2011 |
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‘कृष्णः’ सन्धिविच्छेदः— |
कृष्ण + ः |
REET (I-V)-2011 |
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‘चयनम्’ अस्य शब्दस्य
सन्धिविच्छेदः अस्ति— |
चि + अनम् |
REET (I-V)-2011 |
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‘देव + ऋषयः’ अस्य सन्धिः
भविष्यति— |
देवर्षयः |
REET (I-V)-2011 |