CDP: विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ उसका सम्बन्ध नोट्स पार्ट 4
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अनुकरण
की प्रक्रिया में सर्वप्रथम शिशु अनुकरण करता है— |
स्वर वर्णों का |
B TET (I-V) 23.07.2017 |
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नर्सरी
कक्षा में शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छी विषयवस्तु है— |
मेरा परिवार |
DSSSB PRT |
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एक
बच्चा ईर्ष्या का प्रदर्शन करता है— |
18 माह
की आयु में |
Haryana TET Paper - I (Class
I-V) 2011 |
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शिशुओं
के मस्तिष्क को ‘खाली स्लेट’ माना था— |
जॉन लॉक |
H TET (I-V) 2020 |
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नवजात
शिशु का भार होता है— |
7 पाउण्ड |
Bihar TET Paper - I (Class I-V)
2011
DSSSB PRT |
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“गाल को छूने पर सिर को घुमाना एवं
मुख खोलना” नवजात शिशुओं में उपस्थित प्रकार के प्रतिबिंब के अन्तर्गत आता है— |
रूटिंग |
U TET Paper-2 2021 |
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बच्चे
तकरीबन इस आयु से सहकर्मी समूह का अनुभव करना शुरू कर देते हैं— |
तीन वर्ष |
MP TET (VI-VIII) 26 Feb 2019
(9:30 AM) |
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विकास
का वह चरण जब कोई जीव सबसे तेजी से किसी विशेष कौशल या विशेषता को प्राप्त कर
सकता है, कहलाता
है— |
संवेदनशील अवधि |
CTET (VI-VIII) 24.12.2021 |
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बच्चों
के विकास के सन्दर्भ में ‘संवेदनशील चरण’ से तात्पर्य है— |
किसी व्यक्ति में विशेष क्षमताओं के उभार का इष्टतम
चरण |
CTET (I-V) 27.12.2021 |
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उस
विशेष समय को कहा जाता है जब बच्चे उनके वातावरण में खास प्रकार से उत्तेजना के
प्रति विशेष रूप से ग्रहणशील होते हैं— |
संवेदनशील अवधि |
CTET (VI-VIII) 17.01.2022 |
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शारीरिक
विकास किस स्तर पर तेजी से होता है— |
शैशवावस्था में |
UK TET (I-V) 14.12.2018 |
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बच्चों
में आदत विकसित होती है— |
जन्म से |
Jharkhand TET (VI-VIII) 2016 |
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मनोगत
विकास होता है— |
शैशव काल में |
Jharkhand TET (I-V) 2012 |
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बालक
की परिपक्वता की आयु होती है— |
जन्म से तीन वर्ष तक |
HP TET (Arts) Nov. 2019 |
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पूर्व-प्राथमिक
शिक्षा ग्रहण करने के लिए उपयुक्त आयु है— |
2-6 वर्ष |
HP TET (Arts) Feb. 2013 |
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शैशवावस्था
को सीखने का आदर्श काल कहा है— |
वैलेन्टाइन |
HP TET (Arts) Dec. 2014 |
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बच्चों
में सबसे अधिक पाए जाने वाला स्वभाव है— |
अनुकरण करने का |
CG TET (VI-VIII) 09.01.2022 |
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बाल
विकास की अवस्था जिसको भाषा सीखने की सर्वोत्तम अवस्था कहा जाता है— |
शैशवावस्था |
CG TET (I-V) 09.01.2022 |
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में
शब्दों को दोहराने की प्रवृत्ति विशेष रूप से पाई जाती है। |
शैशवावस्था |
CG TET (I-V) 2017 |
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नवजात
शिशु की संवेदी क्षमताओं के विषय में सही कथन है कि— |
नवजात शिशु कई चीजें कर सकता है जैसे आवाज, रंग व गंध को पहचानना |
CG TET (I-V) 2016 |
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शैशवावस्था
मानव विकास की ............ प्रमुख अवस्था है। |
प्रथम |
Bihar TET Paper-I (Class I-V)
2013 |
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शैशवावस्था
में बच्चों के क्रिया-कलाप ............ होते हैं। |
मूलप्रवृत्तात्मक |
UP TET Paper-I (Class I-V) 27
June 2013 |
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स्व-केन्द्रित
अवस्था होती है बालक के— |
3 से
6 वर्ष
तक |
UP TET Paper-I (Class I-V) 27
June 2013 |
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शिशु
............ की उम्र तक अजनबियों से झिझकना या शर्माना विकसित करते हैं। |
छह महीने |
MP TET (VI-VIII) 21 Feb 2019
(2:30 PM) |
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प्रारंभिक
अवस्था में शिशु अत्यधिक............. होते हैं। |
स्वकेन्द्रित |
MP TET (VI-VIII) 17 Feb 2019
(2:30 PM) |
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VIII. बाल्यावस्था
की विशेषताएँ |
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विकास
का एक अधिनियम है कि विकास प्रतिमान के विभिन्न काल में खुशी भिन्न-भिन्न होती
है। इस अधिनियम के अनुसार— |
जीवन का प्रथम वर्ष सबसे अधिक खुशी का एवं वयः सन्धि
काल सबसे अधिक दुखी काल होता है |
Rajasthan TET Paper-II (Class
(VI-VIII) 2012 |
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6-11 वर्ष आयु वर्ग के छात्रों की
आवश्यकता है— |
कक्षा-कक्ष में प्रजातांत्रिक वातावरण की सीखने में
स्वतंत्रता की क्रिया आधारित,
अन्तःक्रियात्मक अधिगम की |
Haryana TET Paper - I (Class
(I-V) 2011 |