📚 RTE ACT 2009
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009
40 महत्वपूर्ण प्रावधान | Important Notes
UP SUPER TET UPTET CTET REETअनुच्छेद 21-A: शिक्षा मौलिक अधिकार
6-14 वर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया है।
निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा
सभी पात्र बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का प्रावधान।
25% सीटें आरक्षित
निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों में कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के लिए 25% प्रवेश का प्रावधान।
छात्र-शिक्षक अनुपात
प्राथमिक स्तर (1:30), उच्च प्राथमिक स्तर (1:35)।
शारीरिक दंड एवं मानसिक उत्पीड़न निषेध
धारा 17 के तहत बच्चों को शारीरिक दंड एवं मानसिक उत्पीड़न से सुरक्षा।
निजी ट्यूशन प्रतिबंधित
धारा 28 के तहत शिक्षक निजी ट्यूशन या कोचिंग नहीं पढ़ा सकते।
आयु के अनुसार कक्षा
विद्यालय से बाहर रहे बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।
गैर-शैक्षणिक कार्य
शिक्षकों को केवल जनगणना, चुनाव एवं आपदा राहत जैसे निर्धारित कार्यों में लगाया जा सकता है।
SMC का गठन
विद्यालय प्रबंधन समिति में 75% सदस्य अभिभावक तथा 50% महिलाएं होंगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
शिक्षकों के लिए निर्धारित योग्यता एवं प्रशिक्षण का प्रावधान।
धारा 14: आयु प्रमाण पत्र
आयु प्रमाण पत्र न होने पर भी बच्चे को विद्यालय में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।
धारा 15: शैक्षणिक वर्ष के बाद प्रवेश
शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बाद भी बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा।
धारा 16: नो डिटेंशन पॉलिसी
प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक किसी भी बच्चे को फेल नहीं किया जाएगा।
धारा 18: बिना मान्यता स्कूल चलाने पर प्रतिबंध
कोई भी विद्यालय बिना निर्धारित मान्यता के संचालित नहीं किया जाएगा।
धारा 23: योग्य शिक्षकों की नियुक्ति
TET उत्तीर्ण एवं निर्धारित योग्यताएं रखने वाले शिक्षकों की नियुक्ति।
धारा 24: शिक्षक कर्तव्य और शिकायत निवारण
शिक्षक अपने कर्तव्यों का पालन करें तथा उनकी शिकायतों के लिए उचित तंत्र हो।
धारा 27: गैर-शैक्षणिक कार्यों की सूची
केवल जनगणना, चुनाव और आपदा राहत कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी।
धारा 29: पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन
बाल-केंद्रित पाठ्यक्रम एवं सतत व समग्र मूल्यांकन (CCE) पर आधारित शिक्षा।
धारा 30: प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने पर प्रमाण पत्र
आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
धारा 32: बच्चों की शिकायतों का निवारण
बच्चों के अधिकारों के हनन पर शिकायत दर्ज करने एवं निवारण की व्यवस्था।
धारा 21: विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC)
SMC में 75% माता-पिता एवं 50% महिलाएं शामिल होंगी।
धारा 24: शिक्षकों के कर्तव्य
नियमितता, पाठ्यक्रम पूरा करना एवं समयबद्धता।
धारा 28: शिक्षकों को निजी ट्यूशन पर प्रतिबंध
सरकारी शिक्षक प्राइवेट ट्यूशन या कोचिंग नहीं पढ़ा सकते।
धारा 13: प्रवेश के लिए कोई डोनेशन या टेस्ट नहीं
कैपिटेशन फीस एवं स्क्रीनिंग प्रक्रिया प्रतिबंधित है।
धारा 17: शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न निषेध
विद्यालयों में दंड एवं अपमानजनक व्यवहार पूरी तरह प्रतिबंधित है।
धारा 12(1)(c): निजी स्कूलों में 25% आरक्षण
EWS एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए सीटें आरक्षित रहेंगी।
धारा 27: गैर-शैक्षणिक कार्य
केवल चुनाव, जनगणना एवं आपदा राहत कार्यों में ड्यूटी।
धारा 29: बाल-केंद्रित और सतत मूल्यांकन पाठ्यक्रम
पाठ्यक्रम सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) पर आधारित होगा।
धारा 30: प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने पर प्रमाण पत्र
आठवीं कक्षा पास बच्चों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
धारा 31-32: बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा
NCPCR एवं SCPCR बच्चों के अधिकारों का हनन रोकेंगे।
धारा 20: मान्यता रद्द करने पर जुर्माना
नियमों के उल्लंघन पर विद्यालय की मान्यता रद्द और भारी जुर्माना।
धारा 33: राज्य सलाहकार परिषद का गठन
अधिनियम के कार्यान्वयन पर सलाह के लिए राज्य स्तरीय परिषद।
धारा 35: केंद्र व राज्य सरकार की जिम्मेदारी
वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करना।
धारा 2(n): विद्यालय की परिभाषा
चार श्रेणियों के स्कूलों को परिभाषित करता है (सरकारी, अनुदानित, निजी, विशेष)।
धारा 3: मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा
6-14 वर्ष के हर बच्चे का मौलिक अधिकार।
धारा 34: राष्ट्रीय सलाहकार परिषद
केंद्र सरकार को कार्यान्वयन पर सलाह देने के लिए परिषद।
धारा 26: शिक्षकों के पदों की भरना अनिवार्य
किसी विद्यालय में 10% से अधिक रिक्तियां न हों।
अनुच्छेद 21-A: संवैधानिक आधार
RTE एक्ट को लागू करने का मुख्य संवैधानिक स्रोत।
धारा 38: नियम बनाने की शक्ति
केंद्र और राज्य सरकारों को नियम बनाने का अधिकार।
धारा 31: बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा
शिकायत निवारण और NCPCR की भूमिका।
📌 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
अनुच्छेद 21-A: 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए शिक्षा का मौलिक अधिकार।
RTE Act: शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009।
लागू होने की तिथि: 1 अप्रैल 2010।
धारा 17: शारीरिक दंड एवं मानसिक उत्पीड़न पर प्रतिबंध।
धारा 28: शिक्षकों द्वारा निजी ट्यूशन पर प्रतिबंध।
धारा 29: पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन।
धारा 31: बच्चों के अधिकारों की निगरानी।
