संस्कृत:
वन लाइनर नोट्स
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ड’
का उच्चारण स्थान है— |
मूर्धा |
UPTET November-2018 (I-V) |
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संस्कृत
में अयोगवाह वर्णों की संख्या है— |
चार |
UPTET November-2018 (I-V) |
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‘ए’ तथा ‘ऐ’ की स्वर संज्ञा पाणिनि
को अभिहित............. है। |
नहीं |
UK TET, January 2011 (VI-VIII) |
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“आत्मनेपदम्” इति पदम्— |
तिङन्तपदम् |
UK TET, January 2011 (VI-VIII)
(Special) |
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‘क् + अ + क् + ष + आ’ के योग से
शब्द बनेगा— |
कक्षा |
Bihar TET, February 2012
(VI-VIII) |
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‘अं’ एवं ‘अः’ वर्णों की संज्ञा
है— |
अयोगवाह |
Bihar TET, February 2012
(VI-VIII) |
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अकार
के भेद हैं— |
अघोष |
H TET, 2013-14 |
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‘भाग’ वाले तालु आदि स्थानों में
जो अब ऊपरी भाग में बोला जाये, उसकी
संज्ञा है— |
उदात्त |
H TET, 2013-14 |
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‘ऋ’ वर्ण का उच्चारण स्थान है— |
मूर्धा |
MP वर्ग-2, 22-2-2019
H TET, 2013-14 |
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‘आत्मनेपदम्’ पद में ‘उ’ प्रत्यय
का विधान करने वाला सूत्र है— |
स्नानसंक्षेप उ: |
H TET, 2013-14 |
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‘ट’ वर्ण का उच्चारणस्थान है— |
मूर्धा |
H TET, November 2015 |
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संस्कृत
वर्णमाला में मूलस्वरों की संख्या है— |
पाँच |
H TET, November 2015 |
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‘यरोऽनुनासिकेऽनुनासिको वा’ सूत्र
का उदाहरण है— |
एतन्न्यासि |
H TET, November 2015 |
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इन
वर्णों की परस्पर सन्धि की गई है— |
ऋर् व् को |
H TET, November 2015 |
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‘अ’ ............ है। |
केन्द्रीय स्वर |
H TET, November 2015 |
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प्रत्यय
के आदि में स्थित वर्णों और धातु की इट् करने वाला सूत्र है— |
इट् |
H TET, November 2015 |
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‘गम् अच्, विष्णु इत्यं’ पदों की सिद्धि
करने वाला सूत्र है— |
इदुद्विद्वचनम् प्रयोजनम् |
H TET, November 2015 |
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ए
और ऐ का उच्चारणस्थान है— |
कण्ठतालु |
H TET, November 2015 |
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वर्गों
के द्वितीय, तृतीय
और चतुर्थ वर्णों की संज्ञा होती है— |
महाप्राण |
H TET, November 2015 |
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टवर्ग:
— |
ट ठ ड ढ ण |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
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वर्णमालायाः
............ व्यंजनानि सन्ति। |
33 |
MP वर्ग-2, 21-02-2019 |
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स्वरा:
इति कथ्यन्ते— |
अच: |
MP वर्ग-2, 22-02-2019 |
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मूर्धन्यवर्णाः— |
टठडढण: |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
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समाहार:— |
स्वरित: |
MP TET वर्ग-2, 26.2.19 |
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इकारस्य
वर्णोत्पत्तिस्थानम्— |
तालु |
MP TET वर्ग-2, 26.2.19 |
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व्यंजनानाम्
अथवा व्यंजनानां संयोगे ............ भवति। |
संयुक्ताक्षरम् |
MP TET वर्ग-2, 25.2.19 |
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पद:
संधिविच्छेद:— |
संधिता |
MP वर्ग-2, 20-02-2019 |
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फकस्य
वर्णोत्पत्तिस्थानम्— |
ओष्ठौ |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
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अवग्रह— |
लोप: |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
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अर्धमात्रकालोच्चार्याणां
वर्ण:— |
व्यंजनानि |
MP वर्ग-2, 25-02-2019 |
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ङकारस्य
वर्णोत्पत्तिस्थानम्— |
नासिका |
MP वर्ग-2, 24-02-2019 |
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इष्यशानाम्— |
तालु: |
MP TET 18.2.19 |
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हकारस्य
वर्णोत्पत्तिस्थानम्— |
कण्ठ: |
MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
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स्पर्शवर्णाः— |
कादय: |
MP TET वर्ग-2, 18.2.19 |
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अघोषवर्णाः
मूर्धा:— |
पकार: |
MP TET वर्ग-2, 17.2.19 |
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‘देहली’ इत्यस्य वर्णान् पृथक्
पृथक् लिखत— |
द् ए ह ल ी |
MP TET 7.3.19 |