CTET 2026 Syllabus: पेपर-1 और पेपर-2 का पूरा सिलेबस जारी, जानें विषयवार प्रश्न और अंक

 

CTET 2026 Syllabus: पेपर-1 और पेपर-2 का पूरा सिलेबस जारी, जानें विषयवार प्रश्न और अंक

CTET 2026 Syllabus: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा के पेपर-1 और पेपर-2 के विषयवार सिलेबस और प्रश्नों के पैटर्न की जानकारी महत्वपूर्ण है। वायरल/उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों पेपर में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। परीक्षा में नकारात्मक अंकन नहीं होगा।

CTET Paper-1: कक्षा 1 से 5 के लिए

पेपर-1 प्राथमिक स्तर के शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए होगा। इसमें कुल 150 प्रश्न और 150 अंक होंगे। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट बताई गई है।

विषय प्रश्न अंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र 30 30
गणित 30 30
पर्यावरण अध्ययन (EVS) 30 30
भाषा-I 30 30
भाषा-II 30 30
कुल 150 150

1. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

इस खंड में बाल विकास, विकास के सिद्धांत, अधिगम, पियाजे, कोहलबर्ग और वाइगोत्स्की जैसे प्रमुख सिद्धांतों के साथ-साथ बुद्धि, भाषा एवं विचार, विविधता, समावेशी शिक्षा और Learning Difficulties से जुड़े विषय शामिल हैं।

Learning and Pedagogy के अंतर्गत सीखने की प्रक्रिया, असफलता के कारण, शिक्षण-अधिगम की रणनीतियां, सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम, समस्या समाधान, संज्ञान और प्रेरणा जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

2. गणित

गणित में संख्या पद्धति, पूर्ण संख्याएं, मौलिक संक्रियाएं, ज्यामिति, मापन, दशमलव, भिन्न, अनुपात एवं समानुपात, 2-D/3-D आकृतियां, क्षेत्रमिति और आंकड़ों का प्रबंधन आदि शामिल हैं।

गणित शिक्षाशास्त्र में बच्चों की गणितीय समझ, तर्क, पाठ्यक्रम में गणित, मूल्यांकन और उपचारात्मक शिक्षण जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं।

3. पर्यावरण अध्ययन (EVS)

EVS में परिवार एवं मित्र, भोजन, आवास, पानी, यात्रा, पशु-पक्षी तथा हम जिन चीजों का निर्माण और उपयोग करते हैं जैसे विषय शामिल हैं।

इसके साथ EVS शिक्षाशास्त्र, पर्यावरण शिक्षा, सीखने के सिद्धांत, गतिविधियां, प्रयोगात्मक कार्य, CCE और शिक्षण सामग्री से जुड़े प्रश्न भी महत्वपूर्ण होंगे।

4. भाषा-I और भाषा-II

भाषा खंड में अपठित गद्य/पद्य, व्याकरण, शब्दावली, भाषा अधिगम, Listening, Speaking, भाषा कौशल, मूल्यांकन, शिक्षण सामग्री और उपचारात्मक शिक्षण जैसे विषय शामिल हैं।


CTET Paper-2: कक्षा 6 से 8 के लिए

पेपर-2 उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए होगा। इसमें भी 150 प्रश्न और 150 अंक होंगे तथा परीक्षा अवधि 2 घंटे 30 मिनट बताई गई है।

विषय प्रश्न अंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र 30 30
गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान 60 60
भाषा-I 30 30
भाषा-II 30 30
कुल 150 150

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

कक्षा 6 से 8 के स्तर के लिए बाल विकास, अधिगम, पियाजे, कोहलबर्ग और वाइगोत्स्की, बुद्धि, प्रेरणा, संज्ञान, भावनाएं और सीखने की रणनीतियों पर जोर रहेगा।

गणित एवं विज्ञान

गणित में संख्या पद्धति, बीजगणित, ज्यामिति, अनुपात-समानुपात, अंकगणित, आंकड़ों का प्रबंधन और गणित शिक्षाशास्त्र शामिल हैं।

विज्ञान में भोजन एवं स्रोत, पदार्थ, सजीव जगत, गति, बल एवं विचार, विद्युत धारा, प्रकाश, प्राकृतिक घटनाएं एवं संसाधन आदि विषय शामिल हैं। विज्ञान शिक्षाशास्त्र में प्रयोग, अवलोकन, परियोजना कार्य, मूल्यांकन और उपचारात्मक शिक्षण महत्वपूर्ण हैं।

सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान

सामाजिक अध्ययन में मुख्य रूप से इतिहास, भूगोल, सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन तथा सामाजिक विज्ञान शिक्षाशास्त्र शामिल हैं।

इतिहास में प्रारंभिक समाज से लेकर स्वतंत्रता के बाद भारत तक के विभिन्न विषय, जबकि भूगोल में पृथ्वी एवं सौरमंडल, प्राकृतिक एवं मानवीय पर्यावरण, वायु, जल, संसाधन आदि शामिल हैं।

सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में विविधता, सरकार, लोकतंत्र, मीडिया, लैंगिक मुद्दे, संविधान, सामाजिक न्याय एवं जीविका जैसे विषयों पर फोकस रहेगा।

CTET 2026 की तैयारी कैसे करें?

अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी NCERT की निर्धारित कक्षाओं की पुस्तकों से शुरू करनी चाहिए। केवल विषय की जानकारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक विषय के Pedagogy यानी शिक्षाशास्त्र वाले हिस्से पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।

महत्वपूर्ण बातें:

  • दोनों पेपर में कुल 150-150 प्रश्न होंगे।
  • सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे।
  • प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा।
  • इमेज में दिए विवरण के अनुसार नकारात्मक अंकन नहीं है।
  • पेपर-1 कक्षा 1 से 5 और पेपर-2 कक्षा 6 से 8 के लिए है।
  • पेपर-2 में अभ्यर्थी गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान में से विकल्प चुनते हैं।
  • तैयारी के लिए NCERT पाठ्यक्रम और शिक्षाशास्त्र को प्राथमिकता देना उपयोगी रहेगा।


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